पंचना डैम पर सीएम ने रिव्यू की, डेडलाइन मांगी
पंचना डैम को लेकर हुई समीक्षा बैठक में ध्यान सीधा उसी बात पर रहा जो गाँव के लोग सबसे पहले पूछते हैं: पानी का भरोसा और खेती का सहारा। सीएम ने समयबद्ध कार्रवाई की बात करके यह संदेश दिया कि काम को लम्बा खींचना अब ठीक नहीं। ऐसी बैठकों का मतलब सिर्फ़ फ़ाइल पलटना नहीं होता, बल्कि मानसून से पहले नाली, रिसाव और आपूर्ति की हर छोटी-बड़ी समस्या को एक साथ देखना होता है। किसान के लिए डैम कोई इंजीनियरिंग परियोजना नहीं, बल्कि फ़सल का भविष्य होता है — घणी सीधी बात। जयपुर से लेकर आसपास के इलाक़ों में लोग अब यही देखना चाहेंगे कि समीक्षा के बाद ज़मीन पर क्या बदलता है। कागज़ पर कार्रवाई और मिट्टी पर असर, दोनों साथ दिखें तभी बात बनती है।
