पन्ना मीना का कुंड की सुबह
पन्ना मीना का कुंड में सुबह का मूड बिलकुल धीमा होता है। नीचे उतरती सीढ़ियां, ऊपर से पड़ती नरम रोशनी, और हर कोना एक साफ पैटर्न में बात करता है। फिर थोड़ी देर में स्टूडेंट्स आते हैं, वुमन फोटो के लिए रुकती हैं, और घणी देर तक एक ही फ्रेम में बावड़ी और पिंक सिटी का सुकून टिक जाता है। पहले यह सिर्फ देखने की जगह नहीं थी; मोहल्ला यहीं से पानी लेता था, मिलता था, और रोज का हिसाब भी यहीं बनता था। आज उसी जगह पर लोग अपनी छोटी पॉज़ लेते हैं। मारवाड़ी में कहो तो, म्हारे जयपुर की आदत ही ऐसी है — पुरानी जगह को नया अंदाज़ दे देते हैं, पर उसकी सांस नहीं छोड़ते। बस इतना ही.
