पेपर लीक पर जीरो-टॉलरेंस का संकेत
पेपर लीक का नाम सुनते ही राजस्थान के घरों में एक ही फ़िक्र उठती है: मेहनत का हिसाब कहीं परीक्षा से पहले ही न बिखर जाए। इसी पृष्ठभूमि में CM Sharma ने कहा कि जीरो-टॉलरेंस नीति के बाद राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ। यह बात सिर्फ़ एक पंक्ति नहीं, बल्कि उस दबाव का जवाब है जो हर परीक्षा मौसम में विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों पर रहता है। जयपुर से लेकर छोटे कस्बों तक, कोचिंग, तैयारी और नींद के बीच का संतुलन वैसे ही पतला होता है। ऐसे में व्यवस्था पर भरोसा सबसे बड़ा मुद्दा बन जाता है। सरकार का संकेत यही है कि परीक्षा प्रक्रिया को सख़्त निगरानी में रखा जा रहा है। घणी सीधी बात है: पेपर की सफ़ाई सिर्फ़ दफ़्तर की फ़ाइल से नहीं, परीक्षा देने वाले के सुकून से भी जुड़ी होती है। और यह सुकून ही सबसे बड़ी जीत है।
