पीसीसी कार्यालय की जगह घर पर स्वागत, डोटासरा का निशाना
जयपुर में कांग्रेस का दिन थोड़ा उलझा हुआ सा रहा। भारत आदिवासी पार्टी से आए लगभग 300 कार्यकर्ताओं का स्वागत पहले पार्टी कार्यालय के बजाय एक घर पर हुआ, और उसी पर पीसीसी प्रमुख ने सीधा निशाना साध दिया। उनका इशारा साफ था: पार्टी का काम कार्यालय से हो, किसी एक चेहरे की ब्रांडिंग से नहीं। बाद में जब ये कार्यकर्ता पीसीसी मुख्यालय लाए गए, तो नारे भी लगे — और वही बात और तेज हो गई। मुख्यमंत्री के रूप में किसी एक नाम को पेश करने वाली आदत पर उन्होंने टोक दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस पहले ही इस तरह की सोच का खमियाजा भुगत चुकी है। राजनीतिक दृश्य में यह बस एक स्वागत कार्यक्रम नहीं था; यह पार्टी के भीतर की रेखा भी थी। एक तरफ वापसी और समर्थन, दूसरी तरफ संदेश की लड़ाई। जयपुर की हवा में आज यही बात घूमती रही: पार्टी का चेहरा कार्यालय बनेगा या घर?
