पायलट का ताना, और राजस्थान की रोज़ की तकलीफ
टोंक में सार्वजनिक सभाओं के बीच जो बात उठी, वह सीधी थी: स्कूल की मजबूती, अस्पताल की सेवा और सार्वजनिक सुरक्षा, तीनों पर सरकार की परीक्षा है। पायलट ने कहा कि राजस्थान में शिक्षा और स्वास्थ्य की हालत बिगड़ती जा रही है, और पेपर लीक ने मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा हिला दिया है। उन्होंने बीकानेर और कोटा की गर्भवती महिलाओं की मृत्यु तथा झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने का उल्लेख करके प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा फिर से ऊपर उठा दिया। टोंक दौरे के दौरान उन्होंने कुछ विकास कार्य भी देखे, जिनमें स्कूल ढांचा, गांव की सड़कें, नालियां और जल संरक्षण के काम थे। उनकी बात का सार बस इतना था: जब बुनियादी चीजें ही ठीक न हों, तो लोगों का सब्र भी धीरे-धीरे खत्म होता है। घणी सच्ची बात।
