पल्स पोलियो अभियान: एक छोटी बूंद, बड़ी आदत
जयपुर में रविवार को पल्स पोलियो अभियान की राज्यव्यापी शुरुआत हुई। आधिकारिक निवास पर बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाकर इस अभियान का आगाज़ किया गया, और संदेश सीधा था: दो बूंद, पर काम घणो बड़ा। यह काम साधारण लग सकता है, पर इसी नियमित कोशिश ने कई बार बड़ी बीमारी को दरवाज़े पर ही रोक दिया है। अभियान का मूल सरल है — पाँच साल से कम उम्र के हर बच्चे तक बूंदें पहुँचना चाहिए। इसलिए सरकारी व्यवस्था, स्वास्थ्यकर्मी और माता-पिता, सब एक ही कतार में आते हैं। जयपुर के लोग भी जानते हैं, घर में एक बच्चा छूट गया तो बात आगे चलकर मुश्किल हो सकती है। इसलिए आज का दृश्य सिर्फ औपचारिक शुरुआत नहीं, बल्कि एक याद-देहानी था: कल का जोखिम आज की थोड़ी-सी सावधानी से कम हो सकता है। बस इतना ही.
