राज भवन में शिक्षा और खेती पर बात
राज भवन, यानी लोक भवन, में हुई इस अनौपचारिक बातचीत का माहौल बिल्कुल सीधा और काम का था। एक तरफ उच्च शिक्षा में नई साझेदारी की संभावनाएँ, दूसरी तरफ खेती में नवाचार, और तीसरी तरफ जनजातीय सांस्कृतिक संरक्षण — तीनों बातें राजस्थान के भविष्य से जुड़ी हुई लगती हैं। ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को व्यापार और शिक्षा के जरिए और मजबूत करने की बात रखी, और मामला केवल औपचारिक अभिवादन तक सीमित नहीं रहा। ऐसी बातचीत का लाभ तब दिखता है जब विश्वविद्यालय के कक्ष से लेकर गाँव के खेत तक उसका असर पहुँचे। घणी सच्ची बात है कि राजस्थान को अब विचारों की नई मंडी चाहिए, और ऐसी चर्चाएँ उसी दिशा में एक छोटा पर अर्थपूर्ण कदम लगती हैं। अब देखना यह है कि यह सोच कागज से निकलकर कितनी जल्दी धरातल पर उतरती है।
