राज ने स्थानांतरण पर रोक लगाई, स्कूल और स्वास्थ्यकर्मियों को छूट
राज्य की फाइलों में एक और ग्रीष्मकालीन विराम आ गया है। सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण पर 5 जुलाई तक रोक लगने से कार्यालयों में वह पुरानी गर्मी कुछ धीमी पड़ेगी, जब एक मेज से दूसरी मेज तक केवल हस्ताक्षर और प्रतीक्षा का खेल चलता रहता है। इस बार तृतीय श्रेणी वेतनमान के शिक्षकों और चिकित्सा कर्मियों को छूट दी गई है, यानी स्कूल और स्वास्थ्य की अग्रिम पंक्ति को अलग दृष्टि से देखा गया है। ऐसे निर्णय का सीधा असर दिनचर्या पर पड़ता है—नई पदस्थापना की योजना रुकती है और लोग अपने कार्यस्थल पर कुछ और समय टिके रहते हैं। समझिए, अभी स्थानांतरण की चाय ठंडी रखिए, पहले 5 जुलाई पार होने दीजिए। इस रोक से व्यवस्था को थोड़ा साँस लेने का समय मिलता है और कर्मचारियों को भी अपनी जगह पर काम समेटने का अवसर। गर्मी के मौसम में यह भी एक तरह का प्रशासनिक अवकाश ही सही।
