राजस्थान कांग्रेस में एकता का संदेश
राजस्थान कांग्रेस के मामले में गहलोत का संदेश सीधा था — पार्टी के भीतर बिखराव की बात को वे मानने को तैयार नहीं दिखते। जयपुर में दिए गए इस बयान ने एक पुराना राजनीतिक माहौल फिर याद दिला दिया, जहाँ हर नतीजे के बाद लोग पहले गठजोड़ देखते हैं, फिर चेहरे। लेकिन इस बार बात चेहरों की नहीं, एक साझा रेखा की थी। पार्टी के भीतर एकता दिखाना सिर्फ बयान नहीं, एक ज़रूरत भी है, क्योंकि राजस्थान में कार्यकर्ताओं को साफ संकेत चाहिए होता है। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता के अंदाज़ में कहा जाए तो ऊपर से आवाज़ एक हो तो नीचे भ्रम कम होता है। इसलिए गहलोत का यह कथन सिर्फ जवाब नहीं, माहौल तय करने वाला भी था। कांग्रेस के लिए असली परीक्षा अब यह होगी कि एकता का यह संदेश बैठक-कक्ष से निकलकर ज़मीन पर कितना टिकता है।
