राजस्थान जन धन में चौथा, हिसाब बड़ा
राजस्थान ने जन धन योजना में एक और बड़ी जगह बना ली है। 3.85 करोड़ से ज़्यादा खाते खुल चुके हैं, और इस हिसाब से राज्य देश में चौथे स्थान पर है। यह सिर्फ बैंक का कागज़ी हिसाब नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि छोटे शहरों और गाँवों तक वित्तीय व्यवस्था की पहुँच और गहरी हुई है। लेकिन खाता खुलना और उसमें पैसा टिकना, दोनों अलग बात हैं। इसी लिए जमा राशि का पहलू सबसे ज़्यादा मायने रखता है। बैंक की चौखट पर पहुँच अब पहले से आसान हुई है, पर लोग खाते को सिर्फ नाम के लिए नहीं, रोज़मर्रा की ज़रूरत के लिए भी कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं, यही असली कहानी है। घणी सच्ची बात यह है कि आँकड़ा बड़ा हो तो भी उसके पीछे का उपयोग ही सबसे बड़ा परीक्षण होता है।
