राजस्थान की नकद-प्लस योजना से बच्चों का वजन बेहतर
दक्षिणी राजस्थान के जनजातीय इलाकों में चल रही राजस्थान की मातृ पोषण योजना ने काफ़ी अच्छा संकेत दिया है। नकद सहायता के साथ पोषण परामर्श और सामुदायिक संपर्क जोड़ा गया, और Nature Health में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार 90,000 से अधिक जन्मों में कम जन्म-वजन की समस्या घटी। मतलब बात सिर्फ़ पैसा देने की नहीं, समझाने और साथ चलने की भी थी। यह कार्यक्रम उसी सोच पर टिका था कि माँ को सही सलाह, पोषण की जानकारी और समय पर मदद मिले, तो बच्चे का शुरुआती हाल भी बेहतर हो सकता है। अध्ययन ने 7.4 प्रतिशत अंक की गिरावट दिखाई — छोटा आँकड़ा नहीं, खासकर जब बात गाँवों और आदिवासी बस्तियों की हो। सच्ची बात यही है: कभी-कभी नीति का असर शोर से नहीं, जन्म के पहले पलों में दिखता है। और यही इस रिपोर्ट की सबसे बड़ी जीत लगती है।
