राजस्थान में बाघ का हिसाब 149 तक पहुंचा
इंटरनेशनल टाइगर डे से ठीक पहले आया यह हिसाब राजस्थान के जंगलों की तरफ एक सीधा सा इशारा करता है: बाघ अब सिर्फ एक या दो ठिकानों तक सिमटे नहीं, बल्कि पांच टाइगर रिज़र्व में बंटे दिख रहे हैं। रणथंभौर, सवाई माधोपुर, धौलपुर-करौली, मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी — इन सब में मिलाकर बाघ, बाघिन और शावकों की गिनती 149 तक पहुंच गई है। सबसे बड़ा हिस्सा रणथंभौर का है, जहां 72 बाघ हैं, यानी लगभग 50 प्रतिशत। जंगल के हिसाब से यह सिर्फ नंबर नहीं, एक निशानी है कि रहने की जगह और निगरानी का असर दिख रहा है। और सच्ची बात यही है — जब शावक भी गिनती में आ रहे हों, तो कहानी सिर्फ बचाव की नहीं, आगे बढ़ने की भी होती है।
