राजस्थान ने एक्सप्रेसवे की दौड़ में सबको पीछे छोड़ा
जयपुर से लेकर सीमा तक, राजस्थान की सड़कों पर अब एक अलग ही चहल-पहल दिख रही है। 1,192 किमी एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के साथ राज्य ने देश में पहला स्थान ले लिया है, और यह सिर्फ इंजन की घूमती आवाज़ नहीं, योजना का भी संकेत है। हाई-स्पीड कॉरिडोर का मतलब है कि लंबी दूरी थोड़ी छोटी लगेगी, और शहरों के बीच का समय भी कम होगा। इस बढ़त का असर सिर्फ गाड़ियों पर नहीं पड़ेगा। परिवहन, मंडी, पर्यटन और रोज़ का आवागमन — सबको नई राह मिल सकती है। जयपुर के लोग समझ सकते हैं कि जब सफर सुगम हो, तो काम का दिन भी थोड़ा हल्का लगता है। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि यह नेटवर्क कितनी जल्दी आम आदमी के काम आएगा। घणी सच्ची बात है, सड़क बन जाए तो रास्ते ही नहीं, आदत भी बदल जाती है।
