राजस्थान पैरामेडिकल परीक्षा रद्द, लीक पर फिर सवाल
कागज़ी लीक का शोर ठंडा भी नहीं पड़ा था कि राजस्थान पैरामेडिकल परिषद की परीक्षा पर भी संदेह की छाया आ गई। इस बार मामला केवल एक प्रश्नपत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी तैयारी और भरोसे की डोर हिल गई। परीक्षा केंद्र के आसपास जो बच्चे अपनी फाइल और प्रवेश-पत्र संभाले खड़े थे, उनके लिए रद्द होने का फैसला सीधे दिन भर की मेहनत पर पानी जैसा लगा। चार लोगों की गिरफ्तारी की खबर के साथ व्यवस्था की एक पुरानी दिक्कत फिर सामने आ गई — जब प्रश्नपत्र की सुरक्षा कमजोर पड़ती है, तो सबसे पहले नुकसान विद्यार्थियों का होता है। लोगों के बीच यही बात चल रही थी कि अब सिर्फ परिणाम नहीं, परीक्षा का भरोसा भी दोबारा बनाना पड़ेगा। घणी सच्ची बात यह है: परीक्षा का मतलब सिर्फ अंक नहीं, एक साफ और निश्चित मौका भी होता है। और जब वही मौका हिल जाए, तो पूरा दृश्य रुक सा जाता है.
