राम मंदिर धन पर पायलट का नया हिसाब
जयपुर में एक नया हिसाब सामने आया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि राम मंदिर दान से जुड़ी जो राशि सरकार के पास पहुँची है, उसका उपयोग उन परिवारों की मदद के लिए होना चाहिए जिनके बच्चे NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या तक पहुँच गए। यह बात सुनते ही मामला सिर्फ पैसों का नहीं, भरोसे और ज़िम्मेदारी का भी लगने लगा। असल मुद्दा यह है कि पेपर लीक जैसे मामले सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रहते, घरों की छत तक हिल जाती है। जयपुर जैसे शहर में कोचिंग और प्रतियोगिता का दबाव पहले से भारी है, और ऐसे में वित्तीय सहायता का प्रस्ताव एक सीधा, कठोर सवाल उठाता है: सरकारी राशि का पहला हक किसका? पायलट का इशारा इसी तरफ था। बात घणी सीधी थी — पहले दर्द, फिर हिसाब। और यही वह रेखा है जहाँ बहस रुकती नहीं, और सोच चल पड़ती है।
