रानी पद्मिनी: चित्तौड़ की दंतकथा और हिम्मत
चित्तौड़ का किला सिर्फ पत्थर नहीं, यादों का घर है। रानी पद्मिनी, जिनका नाम पद्मा से जुड़ा माना जाता है, राजपूत मर्यादा और शौर्य की एक गहरी पहचान बन गईं। कथा के अनुसार, उनकी सुंदरता की चर्चा ने खिलजी को चित्तौड़ तक खींच लाया। पर यहाँ बात सिर्फ एक रानी की रूप-कथा की नहीं, बल्कि एक राज्य की आबरू की थी। दंतकथा का सबसे यादगार मोड़ वही था जब चित्तौड़ ने झुकने से मना किया। म्हारे राजस्थान में ऐसी कहानियाँ आज भी दिल में बस जाती हैं, क्योंकि यह सिर्फ युद्ध नहीं, अपने मान की रक्षा थी। पद्मिनी का नाम इसलिए ज़िंदा है क्योंकि वह हिम्मत, सम्मान और अटल खड़े रहने की निशानी बन गईं।
