आरसीए पर 10वीं बार तदर्थ, चुनाव फिर अटके
राजस्थान क्रिकेट संघ का काम अब एक और तदर्थ दौर के साथ चलता रहेगा। 27 जून को आई इस सूचना ने एक सीधा-सा सवाल फिर से खड़ा कर दिया: चुनाव कब होंगे? 10वीं बार विस्तार का मतलब है कि अस्थायी व्यवस्था अब भी अस्थायी ही नहीं लग रही। जयपुर में क्रिकेट से जुड़े लोग इस बात को काफ़ी समय से देख रहे हैं, क्योंकि संघ की नियमित व्यवस्था बार-बार रुकती रही है। इस देरी का असर सिर्फ़ फ़ाइल और बैठक तक सीमित नहीं रहता; ज़मीनी स्तर पर योजना, कैलेंडर और समन्वय सब पर पड़ता है। लोगों के बीच चल रही एक छोटी-सी टिप्पणी — पहले खेल, बाद में कागज़ — इसी माहौल को पकड़ लेती है। अब जब 10वीं बार विस्तार मिल चुका है, तो ध्यान सिर्फ़ एक ही बात पर टिकता है: स्थिर चुनाव प्रक्रिया कब मिलेगी। क्रिकेट को भी तो एक साफ़ व्यवस्था चाहिए, भाई।
