आरसीए पर फिर तदर्थ समिति, चुनाव का इंतज़ार और लंबा
राजस्थान क्रिकेट संघ के चक्कर में यह विस्तार वाली कहानी अब घणी लंबी हो चुकी है। तदर्थ समिति को 10वीं बार समय मिल गया है, इसलिए चुनाव का काम फिर रुक गया। जयपुर से लेकर दूसरे क्रिकेट हलकों तक लोग इसे बस एक ही पंक्ति में समझा रहे हैं: व्यवस्था चल तो रही है, पर असली चुनाव अभी भी दूर लग रहा है। मैदान के बाहर भी इस देरी का असर साफ दिखता है। क्लब स्तर के लोग, स्थानीय खिलाड़ी और प्रशासनिक पक्ष के लोग सबको एक स्थिर व्यवस्था का इंतज़ार है, ताकि योजना, मैच और फैसले एक सीधी राह पर चल सकें। एक पुरानी बात याद आती है — जब तक बोर्ड की कुर्सी पर अंतिम फैसला नहीं होता, तब तक हर काम में थोड़ा रुक-रुक कर चलना पड़ता है। इस बार भी सवाल वही है: इतनी बार विस्तार के बाद क्रिकेट को नया निज़ाम कब मिलेगा?
