एक लाख रुपये की रिश्वत मामले में पटवारी और बिचौलिया गिरफ्तार
जयपुर में भूमि नामांतरण का काम, जो लोगों के लिए कागज और समय दोनों खाता है, एक बार फिर चर्चा में आ गया। एसीबी के अनुसार अलिसर पटवार मंडल में पदस्थ पटवारी ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की मांग रखी थी। इस मांग के बाद बीच का एक बिचौलिया भी घेरे में आया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। ऐसे मामले इसलिए चुभते हैं क्योंकि नामांतरण का काम गांव से शहर तक सीधे जीवन से जुड़ा होता है। जमीन का हिसाब ठीक हो तो घर, खेती और बिक्री सब आसान; फाइल अटके तो आदमी कार्यालय के चक्कर गिनता रहता है। एसीबी की कार्रवाई यही दिखाती है कि छोटी लगने वाली मांग भी बड़े ढांचे का संकेत होती है। घणी बार लोग बस एक कागज के लिए भटकते हैं, और वही भटकना सबसे महंगा पड़ता है।
