आरयू की पीएचडी एडमिशन पर ब्रेक, स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए
राजस्थान यूनिवर्सिटी में पीएचडी एडमिशन का सीन इस बार सीधा लाइन में नहीं चला। आरयूपीए-2025 के इंटरव्यू अभी थोड़े टाइम के लिए रोक दिए गए हैं, और वजह बनी स्टूडेंट्स की तरफ से उठाए गए सवाल — रिज़र्वेशन रूल्स का सही पालन हो रहा है या नहीं, लिस्ट का हिसाब साफ है या नहीं, और इंटरव्यू शॉर्टलिस्ट का प्रोसेस कितना ट्रांसपेरेंट था। कैंपस में ऐसे मामले हमेशा एक ही बात दिखाते हैं: फॉर्म भरो, मेहनत करो, पर सिस्टम की सफाई भी उतनी ही ज़रूरी है। कोई बोलता है लिस्ट समझ नहीं आई, कोई पूछता है क्राइटेरिया कहाँ दिखा। एक स्टूडेंट-स्टाइल असाइड यही है — जब एडमिशन का रास्ते ही धुंधले हो जाएँ, तो टेंशन भी सीधा बढ़ जाती है। अब यूनिवर्सिटी को इन सवालों का सीधा, साफ जवाब देना पड़ेगा। पीएचडी जैसे बड़े एकेडमिक स्टेप में लोग सिर्फ सीट नहीं, भरोसा भी देखते हैं। और जयपुर के कॉलेज मूड में, भरोसा ही सबसे पहली एंट्री होती है.
