समरसता संकल्प अभियान से घुलेगा शहरी रंग
जयपुर में आज समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत के साथ एक सीधा सा संदेश दिया गया — समाज को जोड़ना, बाँटना नहीं। कार्यक्रम में सामाजिक सद्भाव, समानता, सेवा और राष्ट्रीय एकता जैसे विचार सामने आए, और बात सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रही। ऐसे अभियानों का असर तब दिखता है जब वह स्कूल, बस्ती, बाज़ार और कार्यालय के रोज़मर्रा में उतरता है। जयपुर जैसे शहर में, जहाँ अलग-अलग रहने, बोलने और जीने के तरीके एक ही गली में मिल जाते हैं, ऐसी पहल का मतलब और गहरा हो जाता है। एक छोटी सी बात यही है — समरसता का मतलब एक जैसा होना नहीं, एक साथ चलना है। इसी सोच को आगे बढ़ाने की बात हुई, ताकि सामाजिक दूरी कम हो और भरोसा बढ़े। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि अभियान ज़मीन पर कितना उतरता है।
