सिसोदिया रानी गार्डन: सीढ़ी चढ़ाई का सुकून
सिसोदिया रानी गार्डन में पहला एहसास सीढ़ियों का होता है। नीचे से ऊपर चढ़ते हुए पानी की पतली धार, फूलों की खुशबू और दीवारों के रंग साथ-साथ चलते हैं। यह उद्यान जयपुर के शोर से थोड़ा अलग, एक सीढ़ीदार मुगल-शैली का कोना लगता है, जहाँ हर स्तर पर नया दृश्य मिलता है। सबसे अच्छी बात? यहाँ ऊपर चढ़कर जो बेंच मिलती है, उस पर बैठते ही पूरा उद्यान नीचे खुल जाता है। घणी धूप हो तब भी छाया मिल जाती है, और शाम के समय हवा काफ़ी नरम हो जाती है। पधारो तो कैमरे के साथ नहीं, थोड़ा समय लेकर। म्हारे हिसाब से यहीं जयपुर का एक धीमा, सुंदर विराम मिलता है।
