छात्र संघ चुनावों की मांग फिर उठी
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर आज छात्र राजनीति का परिचित दृश्य फिर दिखा। ABVP के कार्यकर्ता बैठक-धरने पर बैठे और विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की। कैंपस में इस मांग का मतलब सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज़, प्रतिनिधित्व और रोज़मर्रा के मसलों पर सीधा संवाद भी होता है। ABVP ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य सरकार को यह प्रक्रिया वापस लानी चाहिए। कॉलेज गलियारों में जो छोटी-मोटी बातें अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती हैं, वही संघ चुनावों के समय सबसे ज़्यादा सुनाई देती हैं — कैंटीन का मुद्दा, बस का समय, पुस्तकालय की व्यवस्था, और छात्रावासों की व्यावहारिक परेशानियाँ। इसी वजह से यह मांग हर बार पुराने कैंपस के रिद्म की याद दिलाती है। अब देखना यह है कि निर्णय किस तरफ झुकता है। छात्रों के लिए यह सिर्फ औपचारिकता नहीं, कैंपस की दैनिक व्यवस्था का सवाल है।
