छात्रों की आवाज़ पर गहलोत का स्वागत
शहीद स्मारक के पास कल छात्रों का जमावड़ा सिर्फ एक विरोध का हिस्सा नहीं लगा, बल्कि ऐसी घड़ी जैसा था जहाँ धैर्य को जवाब मिल गया हो। Union Education Minister के इस्तीफे की खबर आते ही भीड़ में हल्की-सी ताली, कुछ मुस्कानें और कई चेहरों पर सुकून-सा दिखा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने भी इस कदम का स्वागत करके यही संदेश दिया कि जो आवाज़ सड़कों पर उठी थी, उसका असर अब दिखने लगा है। यहाँ बात किसी एक नाम की नहीं, बल्कि उस लंबी छात्र मेहनत की है जो कई दिनों से जयपुर की हवा में थी। लोग कह रहे थे कि विरोध का रंग तभी पूरा होगा जब फैसला सच में माना जाए। इसलिए उत्सव के साथ एक सवाल भी था — क्या यह बस पहला मोड़ है? जयपुर का दृश्य यही बताता है: जब छात्र एक साथ खड़े होते हैं, तो उनकी बात सुननी पड़ती है।
