Jaipur Live
← Feed

सुमेल के लिए सहकार वन: गांव को नया सांस

Sumel ke liye Sahkar Van: gaon ko naya saans

जयपुर के सुमेल गांव के लिए सहकार वन की घोषणा एक सीधा-सादा, पर काफ़ी अर्थपूर्ण कदम मानी जा रही है। सहकारी मॉडल को गांव की ज़मीन से जोड़कर यह सोच दी गई है कि हरियाली सिर्फ सजावट न रहे, बल्कि रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बने। पहले चरण में बात यही है कि परियोजना का नाम ही सहकारी भावना को सामने लाता है। फिर असली अर्थ की बारी आती है: पेड़ लगाना एक काम है, पर उनकी देखभाल, पानी और गांव के लोगों की भागीदारी उससे आगे की बात है। ऐसे कार्यक्रम तभी चलते हैं जब लोग उन्हें अपना मानें, बस सरकारी बोर्ड की चीज़ न समझें। इसीलिए यह पहल सुमेल के लिए एक छोटा, पर साफ़ संकेत है — गांव, हरियाली और मिल-जुलकर काम करने की आदत। सच्ची बात, अगर यह मॉडल जम गया, तो और जगहों को भी इससे सीख मिल सकती है।