सनी ने जयपुर में ‘घायल’ वाली याद ताज़ा की
जयपुर यात्रा के दौरान सनी देओल ने अपनी फिल्म ‘बटवारा 1947’ को लेकर बात की, पर महफ़िल का सबसे याद रहने वाला पल ‘घायल’ से जुड़ा रहा। उन्होंने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र ने उस फिल्म पर भरोसा रखा था, जब उद्योग में सबको उस परियोजना का भविष्य इतना साफ नहीं लग रहा था। यही वह मोड़ था जहाँ से सनी के करियर की एक नई पहचान बनी। जयपुर के दर्शकों के लिए भी यह बात सीधे लगी: कभी-कभी एक घर का यक़ीन पूरी फिल्म की ताकत बन जाता है। उनकी बात में कोई बड़ा ड्रामा नहीं था, बस एक सीधा-सा एहसास था — सहारा मिल जाए तो काम अपना रास्ता खुद बना लेता है।
