सरप्राइज़ छापे में उर्वरक का खेल पकड़ा
जयपुर में कृषि मंत्री की औचक जाँच ने उर्वरक के कामकाज पर सीधी रोशनी डाल दी। छापों के दौरान कुछ जगहों पर ऐसा माल और व्यवस्था दिखी जो नियम के हिसाब से साफ-सुथरी नहीं लगती थी। खेती के मौसम में उर्वरक सीधे किसान की जेब और फसल दोनों से जुड़ा होता है, इसलिए इस तरह की गड़बड़ी छोटी बात नहीं बनती। म्हारो जयपुर हमेशा सीधे काम का शहर रहा है, पर जब ज़रूरी चीज़ों में हिचकोले आते हैं तो बात सिर्फ गोदाम तक नहीं रहती। यहाँ मुद्दा यह है कि आपूर्ति-श्रृंखला पर निगरानी रहनी चाहिए, वरना मंडी से लेकर खेत तक असर पहुँचता है। एक अधिकारी ने बस इतना सा संकेत दिया कि अब अभिलेख और भंडार का हिसाब और सख्त होगा। सच्ची बात यह है: किसान को समय पर सही उर्वरक मिले, बस वही असली व्यवस्था है.
