टैंकर स्ट्राइक थमी, जयपुर की प्यास को राहत
जयपुर की गर्मी में पानी का सीन वैसे ही सीधा दिल पर लगता है, और जब टैंकर रुक जाए तो बात और टाइट हो जाती है। इसी लिए टैंकर ओनर्स के स्ट्राइक से अफेक्टेड इलाकों में लोगों को जो दिक्कत हुई, वह बिलकुल रोज़मर्रा वाली थी — बाल्टी, ड्रम और लाइन में खड़े घर। अब गवर्नमेंट के 5 करोड़ रुपये के पेंडिंग ड्यूज़ क्लियर करने के अस्योरेंस के बाद स्ट्राइक खत्म हो गई है। इसका मतलब सिंपल है: जो सप्लाई अटकी हुई थी, वह फिर चलने लगी। पीएचईडी के थ्रू जो टैंकर सर्विस चलती है, उसमें पेमेंट का मुद्दा सीधा सिस्टम को स्लो कर देता है। एक तरफ टैंकर ओनर्स का हिसाब, दूसरी तरफ घरों की ज़रूरत — और बीच में जयपुर की गर्मी। छोटी सी लगने वाली पेमेंट अस्योरेंस ने यहाँ बड़ा फर्क डाल दिया। बस अब लोग यही देख रहे हैं कि पानी का फ्लो कितना स्टेडी रहता है, क्योंकि शहर में एक दिन की देर भी महसूस हो जाती है।
