तीन स्टेडियम, तीन भूजल सवाल
जयपुर, मुंबई और रायपुर के 3 बड़े क्रिकेट स्टेडियमों पर गतिविधि रुकना सिर्फ एक नियम का मामला नहीं, बल्कि शहर की रोज़ की पानी वाली चिंता का आईना भी है। NGT ने यह रोक तब लगाई जब भूजल उपयोग की जानकारी साफ़ तौर पर पेश नहीं की गई। क्रिकेट के मैदान में आम तौर पर ध्यान स्कोर और भीड़ पर होता है, लेकिन यहाँ सवाल सीधा नीचे जा रहा है — ज़मीन के पानी पर कितना भरोसा किया गया। जयपुर जैसे शहर में, जहाँ गर्मी और पानी दोनों अपना मिज़ाज दिखाते रहते हैं, ऐसी रोक लोगों को याद दिलाती है कि स्टेडियम भी व्यवस्था से अलग नहीं। अब जो अधूरी बात सबको खींच रही है, वह है आगे की योजना: पानी का हिसाब कैसे साफ़ होगा, और गतिविधि कब फिर से सामान्य होगी। घणी सच्ची बात है — खेल का मैदान तभी चमकेगा जब संसाधन का रिकॉर्ड भी उतना ही साफ़ हो।
