यूसीसी पर जयपुर में नई बात, समिति बनी
जयपुर में हुई प्रेस वार्ता ने यूसीसी को एक सीधे सरकारी प्रक्रिया की तरफ ला दिया। सचिवालय में बताया गया कि प्रस्तावित कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए उच्च-स्तरीय समिति बना दी गई है, और उसका काम सिर्फ फाइल चलाना नहीं, बल्कि जनमत को भी सुनना है। समिति संभागीय स्तर पर बातचीत करेगी, ताकि राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों की बात एक ही मेज पर आ सके। यहाँ एक और अहम बात भी रही — सरकार ने कहा कि जनजातीय समुदायों के रीति-रिवाज और अधिकार संवैधानिक संरक्षण के साथ सुरक्षित रहेंगे। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण जैसे सिविल मुद्दों पर एक जैसी व्यवस्था का विचार रखा गया है। ऑनलाइन सुझाव मंच का जिक्र भी हुआ, यानी अब लोग सीधे अपनी राय भेज सकेंगे। सच्ची बात यह है: किताबों से ज़्यादा, इस मुद्दे की परख लोगों की ज़िंदगी में होगी।
