यूसीसी पर नया सवाल, शासन पर पुरानी बहस
जयपुर में आज का राजनीतिक माहौल थोड़ा व्यंग्यभरा रहा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रस्तावित यूसीसी को लेकर भाजपा-शासित सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस मुद्दे को आगे करके शासन के सवालों से ध्यान हटाया जा रहा है। यानी सड़क, पानी, बिजली और काम-काज जैसे रोज़ के मसले किनारे, और बहस का केंद्र किसी और तरफ। बात यहीं नहीं रुकती। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों का भी मामला उठाया, मतलब चर्चा सिर्फ नीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि संविधान की आत्मा तक पहुँच गई। जयपुर की राजनीति में ऐसे पल नए नहीं, पर समय जरूर चर्चा बनाता है। गली-चौराहों और चाय की दुकानों पर भी लोग यही कह रहे थे कि जब शासन पर दबाव बढ़ता है, तब मुद्दे और तेज़ हो जाते हैं। अब देखना यह है कि सरकारी पक्ष इस आरोप को कैसे संभालता है।
