उदयपुर कैंप में ग्रिवेंस का हिसाब, CM ने सीधा बोला
उदयपुर के अर्बन सर्विस कैंप में आज का फोकस पेपरवर्क से ज़्यादा लोगों के काम पर था। CM ने कैंप का मूल्यांकन किया, बेनिफिशियरीज से सीधा बात की और ये देखा कि सेवा का फ्लो कितना स्मूद चल रहा है। ऐसे कैंप्स का मतलब ही यही होता है — एक ही जगह पर सुनवाई, कागज़ी काम और तुरंत फॉलो-अप। उन्होंने ये भी साफ किया कि जन-समस्या का हल किसी फॉर्मैलिटी की तरह नहीं, जिम्मेदारी की तरह होना चाहिए। मतलब, कंप्लेंट आई तो उसका निपटारा टाइम पर हो; अधिकारी ध्यान रखें, ताकि लोगों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। कैंप का ये मूड था कि काम दिखे, बात नहीं। जयपुर से उदयपुर तक ऐसे सर्विस कैंप्स का मैसेज सीधा है: गवर्नेंस तभी महसूस होती है जब फाइल से पहले इंसान दिखे। और सबसे बड़ी बात, नेग्लिजेंस के लिए जगह कम हो.
