उदयपुर कैंप में शिकायत का हिसाब सीधा
उदयपुर के अर्बन सर्विस कैंप में आज का सीन सिंपल था: लोग अपनी छोटी-बड़ी परेशानी लेकर आए, और सिस्टम को सीधा सामना करना पड़ा। CM ने अरेंजमेंट्स का जायज़ा लिया, बेनिफिशियरीज़ से बात की, और यही मैसेज दिया कि ग्रिविएंस का मतलब फाइल में पड़ना नहीं, उसका हल निकालना है। कैंप का फायदा तभी दिखता है जब काउंटर पर खड़े आदमी को एक ही दिन में रास्ता मिल जाए. यहाँ फोकस पेपरवर्क से ज़्यादा स्पीड पर था। पानी, सफाई, प्रमाण-पत्र या लोकल सर्विस से जुड़ी बातों में देर हो तो लोगों का भरोसा ढीला पड़ता है — और इसी पर सख्त नज़र रखी गई। एक स्टाफ मेंबर ने साइड में बस इतना सा कहा, काम रुकना नहीं चाहिए। यह लाइन पूरे कैंप का मूड समझा देती है. ऐसे कैंप्स का असली टेस्ट भी यही है: सुनवाई हो, और उसके बाद नतीजा दिखे। जयपुर से उदयपुर तक, लोग अब वही देखना चाहते हैं — बात कम, काम ज़्यादा.
