अनरजिस्टर्ड गाड़ी, पहले ही दिन क्रैश — डीलर पर ₹3 लाख
जयपुर में एक नई गाड़ी की डिलीवरी के साथ जो भरोसा आता है, वह इस बार थोड़ा हिल गया। उपभोक्ता पैनल के सामने बात यह आई कि कार बिना पंजीकरण के दी गई थी, और उसी पहले दिन उसका crash हो गया। मतलब खरीदार ने नई गाड़ी ली, पर कागज़ी काम का सबसे बुनियादी हिस्सा पहले ही अधूरा निकला। पैनल ने डीलर पर ₹3 लाख का बोझ डाला, जो इस मामले का सबसे सीधा संकेत है: गाड़ी बेचना सिर्फ चाबी देना नहीं होता, पंजीकरण भी उतना ही ज़रूरी है। Jaipur जैसे शहर में, जहाँ लोग नई गाड़ी को घर की शान समझकर ले जाते हैं, ऐसी चूक सीधे विश्वास पर लगती है। एक उपभोक्ता-सी बात भी यही बनी: पहले काम ठीक, फिर डिलीवरी।
