योजना भवन की नकद-स्वर्ण बात पर सवाल
योजना भवन से नकद और स्वर्ण मिलने की बात ने जयपुर की सरकारी हवा में एक अलग-सी गरमी घोल दी है। मामला सामने आने के बाद जब सीधा और साफ जवाब नहीं आया, तो सियासी गलियों ने भी इस चुप्पी को नोट किया। बेनीवाल ने इसी को पकड़कर स्पष्टीकरण मांगा और इशारा दिया कि जनता को सिर्फ खबर नहीं, साफ बात चाहिए। जयपुर में ऐसे मामले अक्सर फाइल और बयान के बीच अटक जाते हैं, पर इस बार लोगों की नज़र उसी चुप्पी पर टिक गई है। यहाँ सवाल नकद या स्वर्ण से ज़्यादा उस तंत्र का है जो पारदर्शिता का दावा करता है। लोकमत के अपडेट के मुताबिक, यह मुद्दा शुक्रवार को उठा और तब से इस पर चर्चा और तेज़ हो गई। सच्ची बात यही है: जब जवाब देर से आए, तो सवाल और भारी लगते हैं।
