अंबर किले की हाथी फोटो लाइन का साइलेंट सौदा
अंबर किले की हाथी-फोटो लाइन में नज़ारा सीधा सा लगता है, पर बात उतनी सीधी नहीं। टूरिस्ट कैमरा संभालता है, महावत हाथी को हल्का सा रोकता है, और दोनों के बीच बिना बोले समझौता चलता रहता है। पोज़ अच्छा चाहिए, पर कतार में खड़े लोगों की धीरज भी कम नहीं होनी चाहिए। यहीं असली मज़ा है: हाथी शांत, महावत गंभीर, और टूरिस्ट को लगता है बस एक क्लिक बाकी है। पर जयपुर की इस नरमी में सबको पता होता है कि फ्रेम के पीछे का काम कितना है। घणी देर तक खड़ा रहने वाला ही फोटो ले जाता है। और सच्ची बात, हाथी को भी पता है कौन वीआईपी है — कैमरा वाला नहीं, वह जो सबको संभाल कर खड़ा रखे.
