अमेर रोड की फूलदानी और जेब की औकात
अमेर रोड की नीली मिट्टी के बर्तन की दुकानों में रंग भी बिकता है, और दाम भी। एक सुन्दर फूलदानी देखो तो लगता है, बस घर की शेल्फ पर रखो और महल बन गया। पर जैसे ही दुकानदार कीमत बताता है, आदमी का चेहरा उसी फूलदानी की तरह गोल हो जाता है। यहीं से असली हँसी शुरू होती है। खरीदने वाला बोलता है, “थोड़ा कम करो,” और दुकानदार बिना पलक झपकाए बोल देता है, “यह हाथ से बनी है, मशीन से नहीं।” फिर दाम और इज्जत दोनों की खींचतान चलती है। अमेरिक रोड की इस छोटी सी बाज़ार बात में जयपुर का पूरा अंदाज़ दिख जाता है—देखने का शौक बड़ा, जेब की हालत अलग। सच्ची, नीली मिट्टी का रंग तो गहरा है ही, उसका दाम उससे भी गहरा।
