हवा महल के सामने सेल्फी की सरगम
हवा महल के सामने फोटो लेना आसान लगता है, पर वहाँ एक पूरी नाच-रचना चल रही होती है। पहले पैर थोड़ा बाएँ, फिर फोन ऊपर, फिर दोस्त बोले, “और घुमा, हवा महल ज़्यादा दिखेगी।” तब तक सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार बन जाती है। जयपुर का यातायात भी शांत नहीं होता, बस सेल्फी के लिए थोड़ा सब्र कर लेता है। यही तो मज़ा है: गुलाबी शहर की हवा में सबको अपनी सबसे बढ़िया तस्वीर चाहिए, चाहे पीछे टुक-टुक हो या स्कूटर। घणी सच्ची बात, हवा महल के सामने एक फोटो कभी सिर्फ फोटो नहीं होती; वह एक छोटा-सा रंगमंच होती है, जहाँ पर्यटक नायक, चालक दर्शक, और सिग्नल का 17-सेकंड का विराम पूरा निर्देशक।
