जयपुर की ब्लू पॉटरी फिर घरों में
जयपुर की ब्लू पॉटरी का आकर्षण कभी गया ही नहीं, बस उसका ठिकाना बदलता रहा। पहले लोग इसे मेहमान को दिखाने वाली चीज़ मानते थे, अब छोटी ट्रे, गुलदान और लैम्प-बेस में यह घर की शान बन रही है। इसकी पहचान उसकी नाज़ुक चमक और पुराने फूल, बेल और जाली वाले नमूनों से है—सच्ची, एक नज़र में ही जयपुर याद आ जाता है। अब सांगानेर और शहर के कुछ डिज़ाइन स्टूडियो में इसकी माँग फिर से दिख रही है। खासकर हल्की रंगत वाली दीवारों और साधारण फर्नीचर के साथ यह और भी खिलती है। घणी बात यह है कि लोग अब इसे सिर्फ़ उपहार नहीं, रोज़मर्रा की सजावट मान रहे हैं। म्हारे जयपुर में जो चीज़ कभी प्रदर्शन-भर थी, वह अब घर की बात बन रही है.
