जयपुर की लस्सी गली का सुकून
पुराने शहर की तंग गलियों में एक गिलास लस्सी सिर्फ ठंडक नहीं, एक छोटा ठहराव है। कुल्हड़ की मिट्टी, ऊपर की मलाई, और गाड़ी रोककर दो मिनट बैठने का मज़ा—जयपुर में यह छोटा-सा ठहराव ही अक्सर पूरा मिज़ाज बदल देता है। वह लस्सी गली का पच्चीस साल पुराना ठेला भी इसी वजह से पहचान बन गया है।



















