जयपुर की लू से बचने का असली कोड
जयपुर में लू आते ही शहर का रंग थोड़ा और सख्त हो जाता है। दोपहर में एमआई रोड हो या कॉलोनी की गली, हवा ऐसी लगती है जैसे छत की दीवार से भी टपक रही हो। तब म्हारे यहाँ का असली नियम याद आता है: धूप से बचना, पानी साथ रखना, और बीच-बीच में छाया ढूँढना। पुराने जयपुर में लोग आज भी दुपट्टा सिर पर रखकर निकलते हैं, और घरों में दरवाज़े के पास पानी का गीला कपड़ा मिल ही जाता है। घर की छत, खुला आँगन, और शरबत का गिलास — बस इतना सा सहारा। घणी गर्मी में ये छोटी बातें ही शहर को चलाती हैं। लू का मतलब सिर्फ़ तकलीफ़ नहीं; ये जयपुर की रोज़मर्रा की सावधानी भी है।
