जल महल की बकरियाँ, सेल्फी का calm traffic
जल महल के आसपास का दृश्य एकदम शांत, पर भीतर-भीतर पूरा प्रबंधन चलता रहता है। बकरियाँ धीरे-धीरे चरती हैं, पर्यटक फ़ोन उठाकर कोण ढूँढ़ते हैं, और झील के किनारे दोनों अपनी-अपनी जगह बिलकुल तय। न धक्का-मुक्की, न हॉर्न—बस नज़रों का यातायात। मज़ा तब आता है जब सेल्फी के फ्रेम में बकरी आ जाए। उसका चेहरा बिलकुल बेफिक्र, जैसे कह रही हो: “म्हारे रास्ते में तू आया, अब मैं ही शाही।” और पर्यटक? पहले घबराता है, फिर हँसी में फोटो ले लेता है। पधारो जयपुर की सच्ची व्यवस्था यही है—एक तरफ शाही अदा, दूसरी तरफ चारा, और बीच में घणी शांत समन्वय। पिछली टोली का पोज़ तोड़ने पर जो प्रतिक्रिया आई थी, वही इस दृश्य की असली हँसी थी।
