जल महल की सेल्फी-लाइन और जयपुर का सब्र
जल महल के भट्टों पर खड़े होकर फोटो खिंचवाना भी जयपुर का छोटा सा इम्तिहान है। एक तरफ तालाब का सुकून, दूसरी तरफ सेल्फी लेने वालों की रुक-रुक कर चलती लाइन। कोई कोण ठीक करता है, कोई दुपट्टा, कोई कहता है ‘बस एक और,’ और पीछे वाले का सब्र घणी धीरे से पकता है। असल मजा तो तब आता है जब स्थानीय लोग बिना झुंझलाए साइड से निकल जाते हैं, जैसे यह रोज़ का मौसम हो। म्हारे जयपुर में यातायात हो या फोटो लाइन, सबको अपनी जगह चाहिए — बस थोड़ा सा और स्थान, और थोड़ा सा और धीरज। जल महल के सामने यह दृश्य देखकर लगता है: पानी का प्रतिबिंब तो खूब है, पर शहर का धैर्य भी कम नहीं।
