जौहरी बाज़ार का ब्रेकफास्ट: कचौरी या बड़ा?
जौहरी बाज़ार की सुबह सच्ची अलग ही चलती है। एक तरफ गरम प्याज़ कचौरी, जो हाथ में आते ही थोड़ी सी तेल की चमक के साथ धुआँ-सा छोड़ती है; दूसरी तरफ मिर्ची बड़ा, जो पहली बाइट में ही कहे, “भैसाब, संभल के।” दुकान के बाहर लाइन लगती है, और लाइन के साथ ही लॉयल्टीज़ भी। कोई बोले, कचौरी का मसाला सही; कोई कहे, बड़ा का तीखा ही असली जयपुर है। म्हारे यहाँ एक प्लेट नास्ता सिर्फ भूख नहीं मिटाता — घर पहुँच कर भी यही बात चलती रहती है कि सुबह का विनर कौन था। और सच बोलूँ? जौहरी बाज़ार की ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी का रिज़ल्ट अक्सर टाई ही रहता है.
