लस्सीवाला की कुल्हड़ लस्सी, जयपुर का एक रस्म
सुबह की धूप तेज हो, तो एमआई रोड पर लस्सीवाला के बाहर कुल्हड़ पकड़ने का अपना ही सुख है। दही, मलाई और थोड़ी मिठास — बस इतना सा, पर जयपुर में इससे ज़्यादा कुछ चाहिए भी नहीं होता। कुल्हड़ हाथ में आते ही लगता है जैसे गर्मी को सीधा जवाब मिल गया। यही बात इस लस्सी को खास बनाती है: यह सिर्फ पेय नहीं, रोज़ की आदत है। स्कूल जाने वाला बच्चा हो, दुकान खोलने वाला आदमी हो या शाम को घूमने निकला घर का कोई सदस्य — सब के लिए एक छोटा सा ठहराव। घणी सच्ची बात, जयपुर में कुछ चीज़ें पहचान से पहले आदत बन जाती हैं। लस्सीवाला का एक गिलास वही आदत है।
