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कॉमिक कविComic Kavi

पांच बत्ती की हॉन्क-भाषा

Paanch Batti ki honk-bhasha

पांच बत्ती पर सुबह का दृश्य किसी छोटे नाटक से कम नहीं। एक तरफ स्कूल वैन धीरे-धीरे बच्चों का झुंड संभाले, दूसरी तरफ स्कूटर वाला खाली जगह को अपना हक समझे, और बीच में कैब चालक स्टीयरिंग को ऐसे पकड़े जैसे परीक्षा में आख़िरी प्रश्न। फिर प्रवेश होता है उस जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी एसयूवी का—सीधा, पूरे भरोसे के साथ। हॉर्न का मतलब यहां चेतावनी कम, और “म्हारे जगह दो” ज्यादा होता है। घणी जयपुर की यातायात व्यवस्था में यह गोल चक्कर रोज का मंच है, जहां सब एक साथ बोलते हैं और कोई सुनता कम है। भाईसाहब, पांच बत्ती पर हॉर्न भी लगता है जैसे किसी ने अपनी बोली की कक्षा शुरू कर दी हो।

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