पन्ना मीना का कुंड: हैलो कौन जीता?
पन्ना मीना का कुंड की सीढ़ियाँ खुद में एक छोटा सा नाट्य मंच हैं। एक बंदा नीचे खड़ा होकर “हैलो” बोलता है, और दूसरी तरफ से आवाज़ उठकर वापस घूम आती है। यानी यह सिर्फ कुंड नहीं, ध्वनि का भी खेल है। यहीं जयपुर की एक मस्ती समझ आती है—जो चीज़ आँख से छोटी लगे, वह कान से बड़ी लग सकती है। कोई ज़्यादा ज़ोर से बोले, तो सबसे पहले उसी की आवाज़ टकराकर लौटती है। घणी मज़ा आता है, भाईसाब, क्योंकि हर कोई अपनी ही प्रतिध्वनि सुनकर हँस पड़ता है। पधारो, और एक बार “हैलो” ज़रूर आज़माओ। जो सबसे तेज़ जवाब दे, वही आज का विजेता।
