पन्ना मीना की सीढ़ियों का ज्योमेट्री क्लास
पन्ना मीना का कुंड देखकर लगता है जैसे किसी ने ज्योमेट्री की कॉपी सीढ़ियों में ही बना दी हो। एक तरफ से उतरो, दूसरी तरफ से चढ़ो, और बीच में हर रेखा एक जैसी साफ़। पहली नज़र में लगता है बस जल्दी से निकल जाएँगे, पर जयपुर का नुस्खा अलग है। यहाँ सीढ़ी सिर्फ चढ़ने के लिए नहीं, थोड़ी देर रुकने, साँस लेने और फोटो खिंचवाने के लिए भी है। घणी बार बंदा सोचता है, बस एक मोड़ और, पर मोड़ खत्म ही नहीं होता। सच्ची बात है, पन्ना मीना ने हिसाब भी सिखा दिया और सब्र भी। और हाँ, म्हारे शहर में छोटा रास्ता भी कभी-कभी पूरा चक्कर होता है।
