प्याज कचौरी का कोर्टरूम
जोधपुर की प्याज कचौरी सिर्फ नाश्ता नहीं, एक छोटी सी कानूनी ड्रामा है। बाहर की खस्ता परत बिल्कुल जज जैसी, सख्त भी और ईमानदार भी। अंदर प्याज और मसाले की भरी हुई गवाही, जो बिना बोले ही अपना मामला रख देती है। फिर आता है पहला निवाला। बस उसी पल सब कुछ तय हो जाता है: आदमी इज़्ज़त से काटकर खाएगा या फिर पहली ही चब में खुशी से ऐसी आवाज़ निकलेगी कि आसपास वाले भी मुड़कर देखेंगे। जोधपुर की गलियों में ऐसी कचौरी के साथ चाय हो तो म्हारे कहने का क्या, दिन तय हो गया समझो। सच्ची, खाने का भी अपना फैसला होता है।
