प्याज कचौरी का क्रंच थ्योरी
जोधपुर की सुबह में प्याज कचौरी सिर्फ नाश्ता नहीं, एक छोटा सा प्रयोग है। बाहर से गोल, अंदर से भरपूर, और पहली काट पर जो खनक आती है, वह सीधे दिल तक जाती है। घणी सच्ची बात, इसकी असली पहचान कुरकुरे खोल से ही होती है। इस क्रंच का राज तेल की सही गरमी और मैदा की सही मुठ्ठ में छिपा होता है। भराई में प्याज, मसाला और थोड़ा सा तीखापन मिलकर अलग ही धूम मचाते हैं। जोधपुर के बाज़ारों में सुबह चाय के साथ जो कचौरी मिलती है, वह बस पेट नहीं, मन भी भर देती है। और हाँ, जो तीसरी कचौरी पर भी वही कुरकुरापन मिल जाए, उस दिन समझ लो नाश्ता नहीं, जीत हुई है।
